कंटकारी:-*
"थकाइल" रिंगिणी दिव्य ओषधि विशेष
दाँत में लगे कीड़े को बाहर कैसे निकालें---
कंटकारी या कटेरी का पौधा जड़ सहित उखाड़ कर पीस लें.
संपूर्ण पौधे को पानी में उबाल कर काढ़ा बना लें.
चाहें तो इस पौधे को सूखा कर पीस कर चूरन बना कर रख लें एवं आवश्यकता पड़ने पर प्रयोग करें.
इस काढ़े से दिन में तीन से चार बार कुल्ला करें.
पहले ही दिन आपको आराम दिख जाएगा.
पूरा आराम ना होने की स्थिति में यह क्रिया पूरे सप्ताह करें.
यह प्रयोग परीक्षित है एवं 70 प्रतिशत उपयोगकर्ताओं को इससे लाभ अवश्य हुआ है.
कंटकारी एक अत्यंत परिप्रसरी 'क्षुप' है, जो भारत में प्राय: रास्तों के किनारे तथा परती भूमि में उगता हुआ पाया जाता है। क्योंकि यह काँटों से आच्छादित रहता है, इसीलिए इसे स्पर्श करना मुश्किल होता है। कंटकारी अपने विशिष्ट गुणों के कारण आयुर्वेदिक चिकित्सा में बहुत उपयोग किया जाता है
कंटकारी के लिए कई नाम प्रयोग किये जाते हैं, जैसे- 'भटकटैया', 'कटेरी', 'रेंगनी' अथवा 'रिंगिणी';
*✍ कौशलेंद्र वर्मा।*" alt="" aria-hidden="true" />